Saturday, May 11, 2019

मोदी पहले की तुलना.में अब ज्यादा लोकप्रिय,.वह नतीजे दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आर्थिक रिकॉर्ड मिलाजुला रहा है। हालांकि, भारत विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है पर जनवरी में लीक एक सर्वे के अनुसार 2017 में बेरोजगारी की दर 45 वर्ष में सबसे ज्यादा (6.1%) रही। फिर भी, मोदी ऐसे शख्स हैं जो नतीजे दे सकते हैं। उन्होंने चीन, अमेरिका और जापान से संबंध सुधारे हैं,लेकिन उनके विकास कार्यक्रमों ने देश के लाखों लोगों के जीवनस्तर को बेहतर बनाया है। उनके अवसर उजले किए हैं। 5 वर्ष में उन्होंने कई  उपलब्धियां ह्यसिल की हैं।

मोदी ने सबसे पहले सुनिश्चित किया कि सरकार के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा हो। 2017 में लागू जीएसटी ने राज्यों और केन्द्र  के पेचीदा कर संग्रह ढांचे को दुरुस्त किया है|

टैक्स के आधार का विस्तार कर चोरी करने के मोके कम किए हैं। यह भारत के लिए ऐतिह्मसिक उपलब्धि है। मोदी ने नए इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी धनराशि आवंटित की है। सड़कों, हाईवे, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और विमानतलों के निर्माण से देश की आर्थिक क्षमता में बहुत सुधार होगा। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाई है।मोदी ने पूर्व यूपीए सरकार के जमाने में शुरू की गई आधार कार्ड योजना का विस्तार किया है। एक अरब से अधिक लोगों को पहचान पत्र मिल गए हैं। 30 करोड़ लोगों के बैंक खात पहली बार खुले हैं। इससे लोगों को कर्ज और सब्सिडी मिलने का रास्ता खुला है। सरकार का कहना है, इन उपायों से सरकारी मदद के सिस्टम में भ्रष्टाचार कम हुआ है। लोगों को कम खर्च में अच्छी सेवाएं देना संभव हो सका है।

स्वास्थ्य बीमा से 50 करोड़ लोगों को मदद । मिलेगी। कैंसर, दिल की बीमारियों समेत अन्य गंभीर रोगों के इलाज में लोगों को योजना से फायदा मिलेगा।

 उज्ज्वला योजना से ग्रामीणइलाकों की महिलाओं को पहली बार कुकिंग गैस सुविधा मिली है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाखों टायलेट बनाए गए हैं। मोदी  की योजना भारत को जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की है। इनमें से कोई भी प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन उनसे भारत के अधिकतर लोगों का जीवन सुरक्षित, स्वस्थ, अधिक उत्पादक और समृद्ध होगा।

 1.34 करोड़ की आबादी के देश और दर्जनों राष्ट्रीय एवं स्थानीय राजनीतिक दलों से वोटों के लिए प्रतिस्पर्धा के बीच इतने बड़े पैमाने पर परिवर्तन करने के लिए किस बात
की जरूरत पड़ती है? मोदी ने एक साथ के मोर्चे पर काम किया है। अपने आर्थिक सुधारों,पाकिस्तान के खिलाफ कड़े रुख और हिंदू गौरव को उभारने के कारण मोदी इस सम उससे अधिक लोकप्रिय हैं जब वे पांच वर्ष पहले पहली बार चुने गए थे। पाकिस्तान की सीमा से लगे राज्यों के मतदाता ऐसा मजबूत  प्रधानमंत्री चाहते हैं जो उनकी रक्षा कर सके।मोदी को विश्वसनीय विकल्प के अभाव से भी फायदा है। विपक्षी कांग्रेस पार्टी का चुनावी एजेंडा 5 करोड़ गरीबों को सीधे नगद पैसा देने  की योजना पर टिका है। लेकिन, कोई वादा ठोस योजना नहीं होती है। कई राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं जो कांग्रेस सरकारों की योजनाओं को रोक सकती हैं। मोदी ने तो बड़ी संख्या में लोगों के लिए कल्याणकारी कदम उठाए हैं। मोदी में वर्चस्व स्थापित करने की इच्छाशक्ति है। उनका मिजाज मजबूत नेताओं जैसा है। उनका ट्रैक रिकॉर्ड ऐसे आर्थिक सुधार लागू करने का भी है।जिसकी विकसित हो रहे भारत को जरूरत है।मोदी ने अपने और पार्टी के लिए नया जनादेश हासिल करने के वास्ते लंबे-चौड़े वादे किए।.हैं। उन्हें सरकार बनाने के लिए गठबंधन केसहयोगियों की भी जरूरत पड़ सकती है। दूसरे । कार्यकाल के लिए उन्हें अपनी कुछ योजनाओं.को छोड़ना पड़ेगा।

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