पिछले साल इसी तिमाही में बैंक को 7,718 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।
देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने मार्च तिमाही में 838 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज कराया है। पिछले साल मार्च तिमाही में इसे 7,718 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। मार्च में खत्म वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक का मुनाफा 862 करोड़ रुपए रहा।इससे पिछले वित्त वर्ष में इसे 6,547 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, कर्ज की क्वालिटी में सुधार आने और कर्ज की लागत में गिरावट बैंक मुनाफे में आया है। ग्रॉस एनपीए और नेट एनपीए दोनों में गिरावट दर्ज की गई है। कर्ज की
लागत भी एक प्रतिशत सुधरकर 2.66 प्रतिशत हो गई। एक साल पहले यह 3.62% थी।.
कुमार ने कहा, बैंक को चालू जून तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वर्ष 2019-20 के लिए कर्ज के वितरण में ग्रोथ की रफ्तार को 10-12प रतिशत रखने का लक्ष्य है। मार्च 2019 के अंत तक बैंक का ग्रॉस एनपीए (फंसा कर्ज) घटकर 7.53 प्रतिशत (1,72,750 करोड़ रुपए) रहा। यह पिछले साल मार्च में 10.91 प्रतिशत (2,23 रुपए) था
देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने मार्च तिमाही में 838 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज कराया है। पिछले साल मार्च तिमाही में इसे 7,718 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। मार्च में खत्म वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक का मुनाफा 862 करोड़ रुपए रहा।इससे पिछले वित्त वर्ष में इसे 6,547 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, कर्ज की क्वालिटी में सुधार आने और कर्ज की लागत में गिरावट बैंक मुनाफे में आया है। ग्रॉस एनपीए और नेट एनपीए दोनों में गिरावट दर्ज की गई है। कर्ज की
लागत भी एक प्रतिशत सुधरकर 2.66 प्रतिशत हो गई। एक साल पहले यह 3.62% थी।.
कुमार ने कहा, बैंक को चालू जून तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वर्ष 2019-20 के लिए कर्ज के वितरण में ग्रोथ की रफ्तार को 10-12प रतिशत रखने का लक्ष्य है। मार्च 2019 के अंत तक बैंक का ग्रॉस एनपीए (फंसा कर्ज) घटकर 7.53 प्रतिशत (1,72,750 करोड़ रुपए) रहा। यह पिछले साल मार्च में 10.91 प्रतिशत (2,23 रुपए) था
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